जो भी गीत राधा और कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करता हो सर्वोत्तम होत है. बद्ध जीवन में, आत्मा काम के वशीभूत होती है. सभी काल्पनिक – नाटक और उपन्यास – और भौतिक गीत पुरुषों और महिलाओं के बीच प्रेम का वर्णन करते हैं. चूँकि लोग इस तरह के साहित्य से बहुत आकर्षित होते हैं, अतः कृष्ण इस भौतिक संसार में प्रकट हुए और गोपियों के साथ उनके पारलौकिक प्रेम संबंधों को उन्होंने प्रदर्शित किया. गोपियों और कृष्ण के बीच के आदान-प्रदान से संबंधित विपुल साहित्य है, और जो कोई भी इस साहित्य का आश्रय लेता है या राधा और कृष्ण के बारे में कथाओं का आनंद लेता है, वह वास्तविक आनंद ले सकता है. श्रीमद-भागवतम (10.33.36) में कहा गया है कि भगवान ने अपने वास्तविक जीवन को प्रकट करने के लिए वृंदावन में अपनी लीलाओं को प्रदर्शित किया है. कोई भी बुद्धिमान व्यक्ति जो राधा और कृष्ण की लीलाओं को समझने का प्रयास करता है, वह सबसे भाग्यशाली होता है. उन लीलाओं के बारे में बताने वाले गीत दुनिया के सबसे महान गीत हैं.

स्रोत: अभय चरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद (2012, अंग्रेजी संस्करण), “भगवान चैतन्य, स्वर्ण अवतार की शिक्षाएँ”, पृ. 382

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