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iandkrsna_user
3419 items
भगवान परम भगवान के चार व्यक्तित्वों के रूप में विस्तार लेते हैं.
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भगवान विष्णु (कृष्ण) को त्रि-युग के रूप में जाना जाता है.
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भगवान ने स्वयं के शरीर में ही प्रस्थान किया.
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परम भगवान सदैव सर्वश्रेष्ठ हैं.
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जब प्रत्येक वस्तु और कुछ नहीं, स्वयं भगवान ही है, तो हमें भगवान की पूजा क्यों करना चाहिए?
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भगवान अवैयक्तिक नहीं हैं.
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परम भगवान श्रीकृष्ण सभी जीवों के पिता हैं.
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सभी प्राणियों को परम भगवान का अंश कहा जाता है.
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हमारे हृदय में भगवान की उपस्थिति को व्यक्ति कैसे देख सकता है?
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परम भगवान सभी संसारों के दृष्टा हैं.
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